सम्यक सहयोग चैरिटेबल टीम (SSCT) की नियमावली
आकस्मिक निधन पर सम्यक सहयोग योजना की नियमावली
1. सम्यक सहयोग चैरिटेबल टीम की स्थापना 02 अप्रैल 2026 ई0 को समाज के सभी वर्गों के लिए हुई है| सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 59 वर्ष तक रहेगा जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 64 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। सदस्यों की 64 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार ssctup.org वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरके सदस्यता लिया जा सकता है। समस्त सदस्यों को वार्षिक 100 रूपए "सम्यक सहयोग चैरिटेबल ट्रस्ट" को दान देना अनिवार्य है।
2. हर वर्ष ट्रस्ट को 100 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात SSCT की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 30 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीन शॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
3. सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपके वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
4. यदि SSCT के किसी वैधानिक सदस्य की असामयिक दुखद निधन हो जाती है तो SSCT से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रूपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
5. समस्त सदस्यों की लॉक इन पीरियड 12 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक इन पीरियड 12 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 2 अप्रैल 2026 नियमानुसार रजिस्ट्रेशन किया, यदि अगले वर्ष उसकी मृत्यु 2 अप्रैल की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।
6. वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 100% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 2 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 100% सहयोग होना चाहिए।
7. SSCT द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर +91 9918922585,9956242585 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त किया जा सकता है।
8. संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
9. सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नही लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
10. यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 100% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसे स्थिति में लगातार 12 माह सहयोग करके और 12 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
11. सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।
12. यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जायेगा। ऐसे परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वविवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
13. SSCT सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
14. कोई भी सदस्य SSCT के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
15. SSCT के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या SSCT विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
16. ट्रस्ट को दिया गया वार्षिक 100 रुपये दान, ट्रस्ट के विकास हेतु खर्च किया जायेगा।
17. यदि SSCT का कोई वैधानिक सदस्य अपनी उम्र सीमा 64 वर्ष आयु सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है और इस कारण से उसकी SSCT की सदस्यता स्वतः समाप्त होती है तो ट्रस्ट के खाते से 10000 रूपये का सम्यक सहयोग उस व्यक्ति को दिया जाएगा। निर्धारित सम्यक सहयोग ट्रस्ट में उपलब्ध बजट के आधार पर घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”
नोट- 1. भविष्य में SSCT के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना व गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
2. भविष्य में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा/तकनीकी शिक्षा/सिविल सर्विसेज की पढ़ाई हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
बेटी विवाह सहयोग योजना की नियमावली
1. 2 अप्रैल 2027 से "बेटी विवाह सहयोग योजना"का शुभारम्भ किया जायेगा।
2. 02 अप्रैल 2026 से रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 12 माह निर्धारित है।
3. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी की विवाह तिथि तक इस योजना में 100% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा बेटी विवाह सहयोग योजना में 100% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
4. इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। SSCT का वैधानिक सदस्य ही बेटी विवाह सहयोग योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार दिवंगत सदस्य के नॉमिनी को सहयोग नहीं किया है वह सदस्य बेटी विवाह सहयोग योजना में पात्र नहीं है।
5. बेटी विवाह सहयोग योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 12 वर्ष तक बेटी विवाह सहयोग योजना के 100% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी बेटी विवाह सहयोग योजना में आगामी 12 वर्षों तक 100% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो असामयिक निधन और गंभीर बीमारी इलाज आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा। यदि बेटी विवाह सहयोग योजना में लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थी इस योजना में आगामी 12 वर्षों तक 100% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो उक्त लाभार्थी SSCT के समस्त आर्थिक लाभ योजना में स्वतः अपात्र हो जाएगा।
6. सदस्य के अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही बेटी विवाह सहयोग योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र हैं।
7. सदस्य के स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह सहयोग योजना लागू नहीं है।
8. यदि पति पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति पत्नी दोनों अलग अलग बेटी के लिए ,इस योजना में लाभ के पात्र होंगे।
9. बेटी विवाह सहयोग योजना में आवेदन हेतु सदस्य के जिस बेटी की विवाह के लिए मदद होना है वह बेटी भी SSCT का सदस्य जरूर होना चाहिए।
10. बेटी विवाह सहयोग योजना में प्रति सदस्य अधिकतम 50 रुपए तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार यह निर्धारित धनराशि घटाया जाएगा।
11. SSCT का जो सदस्य बेटी विवाह सहयोग योजना में आर्थिक मदद नहीं करता है उसकी आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता के लिए दिवंगत सदस्य के परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद करना अनिवार्य है।
12. SSCT सीधे बेटी के पिता के खाते में सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं है। बेटी विवाह सहयोग योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं है।
13. "बेटी विवाह सहयोग योजना" में विवाह तिथि से 25 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। ऐसा इसलिए कि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए कम से कम 25 दिन का समय चाहिए।
14. यदि बेटी की माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद SSCT में रजिस्ट्रेशन करेगा और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह सहयोग योजना" में 100% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त अनाथ बेटी की उम्र यदि 18 वर्ष पूरा नहीं है तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना और "बेटी विवाह सहयोग योजना" में 100% अवसरों पर सहयोग करना दोनों अनिवार्य रहेगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 02 अप्रैल 2026 से लागू है।
15. यदि बेटी की माता-पिता दोनों 60 वर्ष उम्र से अधिक (Over Age) हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद SSCT में सदस्य बनकर और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह सहयोग योजना" एवं "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 100% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा।
16. माता या पिता अपनी बेटी की शादी में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर नियमानुसार लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि सदस्य (पिता) की मृत्यु बेटी की शादी से पहले हो जाती है तो मृत्यु उपरांत माता सदस्य बनेगी, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (पिता) के सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार सदस्य (माता) की मृत्यु होने पर पिता सदस्य बनेंगे, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (माता) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। यदि "आकस्मिक निधन सहयोग योजना" की लॉक इन पीरियड पूरा करने के बाद सदस्य (माता या पिता) की मृत्यु होती है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 16 लागू नहीं होगा।